ग्रहों की अंश स्थिति के द्वारा सटीक भविष्यवाणी

३० अंश की एक राशि होती है | हर ग्रह ३० अंशों की यात्रा अपनी निश्चित गति द्वारा पूरा करता है | हर ग्रह की गति अलग होती है |

चन्द्र सर्वाधिक गतिशील है | चन्द्रमा एक राशि का भ्रमण मात्र सवा दो दिन में कर लेता है | सूर्य एक राशि में ३० दिन तक रहता है | बुध २२-२४ दिन, शुक्र २६-२७ दिन, मंगल ४५ दिन तक एक राशी में रहते हैं |

जब दो या दो से अधिक ग्रह एक ही डिग्री या अंश से गुजर रहे होते हैं तो उसे अंशात्मक युति कहते हैं | नीचे दी गई सारिणी से स्पष्ट होता है कि गुरु २६ अंश पर है और सूर्य २४ अंश पर है | सूर्य की गति गुरु से अधिक है इसलिए सूर्य दो दिन बाद २६ अंश पर आ जाएगा जबकि गुरु के अंश बदलने में अभी कुछ दिन और लगेंगे | इस प्रकार जब दो ग्रह समान अंशों पर आ जाते हैं उसे हम अंशात्मक युति कहते हैं | युति मतलब साथ में या समान ग्रह स्थिति |

आज यानी ११ नवम्बर २०१३ के दिन की ग्रह स्थिति अंशों सहित इस प्रकार है |

ग्रह सूर्य चन्द्र मंगल बुध गुरु शुक्र शनी राहू केतु
गोचर राशि तुला कुम्भ सिंह तुला मिथुन वृश्चिक तुला तुला मेष
अंश 24 4 21 8 26 11 20 12 12

 

गुरु १३ महीने और राहु केतू १८ महीने एक ही राशी में रहते हैं | अंशात्मक युति मे एक ग्रह दूसरे को प्रभावित करता है उदाहारण के लिय यदि सूर्य पन्द्रह अंश का है तो किसी भी ग्रह के पन्द्र्वें अंश तक उन दोनों ग्रहों की  अंशात्मक युति होगी | अंशात्मक युति मे एक ग्रह दूसरे ग्रह पे वैसा ही प्रभाव डालता है जैसा कि उसका गोचर समय आने पर या दशा अन्तर्दशा में होता है | जन्मकुंडली में ग्रह स्थिति और उसके अंश आदि का पूरा विवरण दिया रहता है |

 

शादी कब होगी ? When will you get married

यदि आपका रिश्ता पक्का हो चुका है और शादी का दिन निश्चित नहीं हुआ है तो नीचे दिए गए ग्रह योग के आधार पर आप अपनी शादी का समय जान सकते हैं | जन्मकुंडली में जितने अंश का बृहस्पति है उस अंश पर सूर्य जिस दिन आएगा वह आपकी शादी का समय होगा या उस दिन शादी के विषय में कोई महत्वपूर्ण फैसला लिया जाएगा

नौकरी कब मिलेगी या नौकरी कैसी होगी ? When will you get the job

कुंडली में यह देखने के लिए कि नौकरी कब मिलेगी नौवें और दसवें स्थान को देखिये | इन दोनों घरों के स्वामियों का परस्पर सम्बन्ध यह तय करता है कि व्यक्ति कैसी नौकरी करेगा | सरकारी या गैर सरकारी | यदि इन दोनों ग्रहों का आपस में सम्बन्ध है तो व्यक्ति को नौकरी की कभी दिक्कत नहीं आती | यदि यह सम्बन्ध न हो अथवा इतना गहरा सम्बन्ध दोनों ग्रहों में न हो तो व्यक्ति को नौकरी में दिक्कतें आती हैं | अब प्रश्न उठता है कि नौकरी कब लगेगी तो इसके लिए देख सकते हैं कि नौवें और दसवें  स्थान के स्वामियों में यदि सम्बन्ध हो (दृष्टि, युति, स्थान परिवर्तन) तो इनमे से किसी एक ग्रह के जितने अंश हैं उस अंश पर जब गुरु गोचर में भ्रमण करेगा तो उस समय व्यक्ति की नौकरी लगेगी